इतिहास
श्री मदन वर्मा संपादक गुड हरियाणा
सप्ताहिक समाचार-पत्र ने वर्ष 1999 में माननीय श्रीमति
मेनका गाँधी समाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री-भारत
सरकार के दिशा-निर्देश में पशुओ को शोषण से मुक्त
करवाने का संकल्प लेकर पीपुल फॉर एनिमल्स जींद का गठन
किया | जिसके अंतर्गत समय-समय पर विभिन्न पशु क्रूरता
अवरोधी अभियान चलाकर वर्ष 1999-2000 में रेलवे द्वारा
416 गायो कि लदान जींद से बिहार पर रोक लगवाने के साथ
वर्ष 2001 में जींद से कलकता रेलवे द्वारा 647 भेंसो
पर भी रोक लगवाई | इनके पशु कल्याण एवं पशुओ के प्रति
दया-भावना को देखते हुए वर्ष 2001 में समाजिक न्याय एवं
अधिकारिता मंत्रालय-भारत सरकार की देख-रेख में भारतीय
जीव-जन्तु कल्याण बोर्ड - भारत सरकार ने चुनिन्दा
पशु-प्रेमियों को नई दिल्ली में मास्टर ट्रेनिंग दी और
साथ में मदन वर्मा को वर्ष 2002 में भारत सरकार की
C.P.C.S.E.A कमेटी का नोमिनी नियुक्त कर पशुओ पर अवैध
रूप से किए जा रहे अनुसंधान रोकने के निर्देश देने के
साथ-साथ C.P.C.S.E.A ने हरियाणा सरकार के विश्वमें
नम्बर एक पर हरियाणा पशु-चिकित्सा टीका संस्थान,हिसार
का भी समय-समय पर निरिक्षण कर C.P.C.S.E.A के दिशा
निर्देश अनुसार रिपोर्ट भेजते रहे | वर्ष 2000 से वर्ष
2006 तक मदन वर्मा ने 100 के करीब मुफ्त पशु-चिकित्सा
कैंप लगाकर हजारो पशुओ का ईलाज करवाया | एवं सड़क
दुर्घटना में घायल सैकडों आवारा पशुओ को चिकित्सा
सुविधा मुहैया करवाकर उन्हें प्रदेश की विभिन्न
गौशालाओ में शरण दिलवाई | इसके पश्चात् इन्होने हर
प्रकार से पशुओ को क्रूरता से मुक्त करवाने के लिए पशु
क्रूरता अधिनियम 1960 एवं पशु परिवहन नियम 1978 की
विभिन्न धाराओ के तहत 250 से ज्यादा मामले पकड़कर
प्रदेश के विभिन्न पुलिस थानों में मुकदमे दर्ज करवा
चुके है | तब पश्चात् इन्होने पशु कल्याण को मध्यनज़र
रखते हुए S.P.C.A हरियाणा का गठन इसे सोसायटी एक्ट
1860 के तहत हरियाणा सरकार से पंजीकृत करवाया |
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stop it. |