उदेश्य

 

1.

जीव-जन्तुओ की रक्षा करना व उनको क्रूरता पूर्वक लदान कर ले जाने वाले वाहनों को पकड़ना व उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही करवाना |
2. जीव-जन्तुओ पर हो रहे अत्याचारों को रोकना व शिकारियों के चंगुल से छुडवना |
3. अवैध रूप से जीव-जन्तुओ का करतब दिखने पर रो़क लगाना और ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन बचने वाले को पकड़ना |
4. लुप्त हो रही जीव-जन्तुओ कि जातियो का बचाव करना |
5. जीव-जन्तुओ को मारने वालो व उनका शोंषण करने वालो के खिलाफ कानूनी कार्यवाई करवाना |
6. आवारा घूम रहे पशुओ के लिए शरण स्थल , गोशाला आदि बनाना तथा उनका संचालन करना |
7. आवारा घायल बीमार पशुओ की चिकित्सा सुविधा हेतु मोबाइल एनिमल्स एंबुलेंस चलाना एवं उक्त एनिमल्स एम्बुलैंस वाहन को बेजुबान जानवरों को क्रूरता पूर्वक लदान कर कत्लखानों में ले जाने वाले वाहनों को पकडने के लिए भी इस्तेमाल करना |
8. केन्द्र सरकार द्वारा मानव जाति एवं पशु कल्याण के लिए चलाई जा रही सभी कल्याणकारी योजनाओ पर कार्य करना |
9. सड़क दुर्घटनाओ में घायल हुए इंसानों के लिए एम्बुलेंस चलाना एवं संस्था के उदेश्यों को पुरा करने के लिए उकत वाहन का इस्तेमाल करना |
10. वृद्ध , विधवा , असहाय , विकलांग की दिशा में कार्य करना |

 
 


इक उम्र हो गई है, इन्सान मर गया है !

चाहे झटका हो अर्थात्‌ खंजर के एक ही वार से पशु की गर्दन कटे,
या हलाल हो, आरी से धीरे - धीरे पशु की गर्दन कटे,
बात एक ही है।

कसाई की छुरी चलती है, खून का फव्वारा छूटता है,
जानवर तड़फता है, उछलता है, चीखता है, चिल्लाता है,
और बुरी तरह छटपटाता है।
पर कसाई ! पशु का दम लेकर ही दम लेता है।
 

 
                                       
 

 

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